साईं नाथ मेरे साईं नाथ Sai Nath Mere Sai Nath – Bhakti Sangeet

साईं नाथ मेरे साईं नाथ Sai Nath Mere Sai Nath





साईं बाबा तेरा दर हो, झुका चरणों में सर हो
मेरे सजदे में असर हो, तेरी रहमत की नजर हो
इल्तजा इतनी सी अब सुन ले साईं नाथ
साईं नाथ मेरे साईं नाथ मेरे साईं नाथ साईं नाथ..२

तेरे दम पे जिंदा हूं तेरे दर पे मरू साईं
हर जनम तेरे दर की सेवा मैं करूं साईं
लाख गहरा हो गम का सागर ना डरु साईं
हाथ तेरा सर पर हो तिनके से तरू साईं
मेरे जज्बात में तुम हो, मेरे दिन रात तुम हो
मेरी हर बात में तुम हो, मेरे हर साथ में तुम हो
इल्तिजा इतनी सी अब सुन ले साईं नाथ
साईं नाथ…

तेरे करम से बंजर में भी फसल लहराई
मंजिले तेरे करम से अंधों को नजर आई
नाम तेरा हर दिल की धड़कन में लिखा साईं
हुकुम तेरे से मुर्दों ने जिंदगी पाई
तेरा जोगी बन जाऊं, नाम से तेरे खाऊं
सामने तुझको पाऊ, पल तुझे भूल ना पाऊं
इल्तिजा इतनी सी अब सुन  ले साईं नाथ
साईं नाथ…

भेद ना जानूं मैं किस्मत की इन लकीरों का
फैसला तेरे हाथों में मेरी तकदीरों का
न हीं दौलत की भूख है न सपना जगीरो का
सेवा भक्ति चाहूं ओर चाहूं संग फकीरों का
मेरी आवाज में तुम हो, मेरे हर सांज  में तुम हो
मेरे हर राज में तुम हो मेरे आगाज में तुम हो
इल्तिजा इतनी सी अब सुन ले साईं नाथ
साईं नाथ…